लेखक ने जिस पुस्तक को एक सुविकसित मेधा का सर्वोच्च विस्तरण नाम से जिसको नवाजा है उस पुस्तक का वर्णन करने के लिए ये शब्द भी जैसे कम है। इसे देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी का सबसे गोपनीय और शक्तिशाली पाठ माना जाता है। आध्यात्मिक पर्याप्त के लिए श्री ललिता त्रिशती स्त्रोत्र की रचना आदिशक्ति और भगवान शिव की है जो उन्होंने भगवान हयग्रीव को दी थी। ब्रह्मांड पुराण के उत्तरखंड में महर्षि हयग्रीव और अगस्त्य ऋषि के संवाद में इसका विस्तृत प्रमाण मिलता है।

SHREE PANCHDASHI MANTRA PRAMITY

500.00 450.00

Availability: 3 in stock

यह 15 अक्षरों का मंत्र वेदों, महावाक्यों और उपनिषदों की प्रकटियों का एक सुंदर संयोग है। यह सत्विदानंद की ओर ले जाने वाला मार्ग है। इस सार को शैव, वैष्णव, सौर और गणपत्य मंत्रों के साथ भी जोड़ा गया है। श्री पंचदशी मंत्र में कुल १५ अक्षर होते हैं, जो तीन खंडों में विभाजित किये गए हैं। इस स्तोत्र के प्रत्येक २० नाम पंचदशी मंत्र के एक-एक विशेष अक्षर या पद से समन्धित हैं। इस स्तोत्र के ३०० नाम है। सभी ३०० नाम पंचदशी मंत्र के सर्व वर्णों से शुरू होते हैं, जो केवल नाम ही नहीं बल्कि मंत्र भी है।

Dimensions 24.5 × 18.5 × 1 cm

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “SHREE PANCHDASHI MANTRA PRAMITY”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top